नई दिल्ली : आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान को भारत ने संयुक्त राष्ट्र में कड़ा रुख अपनाते हुए आतंकवाद से लड़ने की सलाह दी है. गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, 'हम आशा करते हैं कि पाकिस्तान की नई सरकार बहस में लिप्त होने के बजाय दक्षिण एशिया को शांत, सुरक्षित, विकसित और आतंकवाद से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए काम करेगी.'
इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की पेशकश की थी. उन्होंने कहा था 'मोदी जी आइए बातचीत करें.' उन्होंने कहा था, 'भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न हैं. मैं पीएम मोदी से कहना चाहूंगा कि दोनों ही देश हम साये हैं. हम रूठ कर एकदूसरे से मुंह नहीं फेर सकते. भारत और पाकिस्तान की समस्याएं एक जैसी हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान को पत्र लिखा. इसमें पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने के संकेत दिए थे. हालांकि बाद में पाक विदेश मंत्रालय ने उनके इस दावे को गलत ठहराया था. उसने साफतौर पर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इमरान खान को लिखे पत्र में बातचीत शब्द का जिक्र ही नहीं है.
बता दें कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कश्मीर राग अलापते हुए कहा था कि कश्मीर में चल रहा संघर्ष वैध है. उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री राजा फारूक हैदर से मुलाकात कर कश्मीर पर पुरानी सरकारों की नीतियों को जारी रखने की बात कही थी. पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद इमरान खान ने 19 अगस्त को देश के नाम पहला संबोधन दिया था. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को सुधारना चाहता है.
इसके बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने प्रेस कांफ्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कश्मीर मुद्दे पर बातचीत की पेशकश की थी. उन्होंने कहा था 'मोदी जी आइए बातचीत करें.' उन्होंने कहा था, 'भारत और पाकिस्तान, दोनों ही देश परमाणु संपन्न हैं. मैं पीएम मोदी से कहना चाहूंगा कि दोनों ही देश हम साये हैं. हम रूठ कर एकदूसरे से मुंह नहीं फेर सकते. भारत और पाकिस्तान की समस्याएं एक जैसी हैं.
उन्होंने यह भी दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के नए पीएम इमरान खान को पत्र लिखा. इसमें पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करने के संकेत दिए थे. हालांकि बाद में पाक विदेश मंत्रालय ने उनके इस दावे को गलत ठहराया था. उसने साफतौर पर कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इमरान खान को लिखे पत्र में बातचीत शब्द का जिक्र ही नहीं है.
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