नोएडा : दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 62 में स्थित प्राइवेट कंपनी तवंत टेक्नोलॉजी कंपनी में काम करने वाली एक महिला इंजीनियर ने कंपनी के करीब 43 लोगों पर छेड़खानी का आरोप लगाया है. उसने इनके खिलाफ सेेक्टर 58 के थाने में पुलिस में शिकायत करते हुए मामला भी दर्ज कराया है. कुल 43 लोगों में से 20 के खिलाफ नामजद और 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.
महिला का आरोप है कि कंपनी के 20 कर्मचारी उससे हर रोज अश्लील बातें और छेड़खानी करते थे. फिलहाल पुलिस ने महिला की शिकायत पर सभी के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है.
महिला ने आरोप तो 43 लोगों पर लगाया है. लकिन उसे महज कुद ही नाम याद थे इसलिए उसने करीब 22 लोगों के खिलाफ ही नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. इनमें विनोद रैना, सीताराम, जयवर्धन, सतीश, उज्जवल, जय राजदत्त, गीतांजलि मुखर्जी, शिप्रा सिंह, दीपक वाजपेयी, नीलेश दुबे, महेश चंद्रा, राघवेन्दर गुप्ता, विवेक कुमार, राजन गर्ग, वीरेंद्र शेहरावत, अर्चित भिसे, अमित अग्रवाल, ईशा खन्ना, लोवेश भट्ट, प्रवीण कुमार, रितेश चंद्र सहित तकरीबन 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
पीड़ित महिला के अनुसार उसने यह कंपनी अक्टूबर, 2016 में ज्वाइन की थी. इसके बाद 2017 में एक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें कुछ लोगों ने महिला से अश्लील बातें की थीं. उसके बाद ऑफिस में सभी आरोपी अश्लील बातें और कमेंट्स पास करने लगे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर लगभग 20 लोगों के खिलाफ नामजद और 23 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने बताया कि जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं कंपनी के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया है. कहा कि इस बारे में हमें बोलने से मना किया गया है. हमारे हेडऑफिस वाले ही बात करेंगे. साथ ही डरी सहमी पीड़ित महिला भी कैमरे पर कुछ भी कहने से बच रही है.
महिला का आरोप है कि कंपनी के 20 कर्मचारी उससे हर रोज अश्लील बातें और छेड़खानी करते थे. फिलहाल पुलिस ने महिला की शिकायत पर सभी के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है.
महिला ने आरोप तो 43 लोगों पर लगाया है. लकिन उसे महज कुद ही नाम याद थे इसलिए उसने करीब 22 लोगों के खिलाफ ही नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. इनमें विनोद रैना, सीताराम, जयवर्धन, सतीश, उज्जवल, जय राजदत्त, गीतांजलि मुखर्जी, शिप्रा सिंह, दीपक वाजपेयी, नीलेश दुबे, महेश चंद्रा, राघवेन्दर गुप्ता, विवेक कुमार, राजन गर्ग, वीरेंद्र शेहरावत, अर्चित भिसे, अमित अग्रवाल, ईशा खन्ना, लोवेश भट्ट, प्रवीण कुमार, रितेश चंद्र सहित तकरीबन 23 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
पीड़ित महिला के अनुसार उसने यह कंपनी अक्टूबर, 2016 में ज्वाइन की थी. इसके बाद 2017 में एक वाट्सएप ग्रुप बनाया गया था, जिसमें कुछ लोगों ने महिला से अश्लील बातें की थीं. उसके बाद ऑफिस में सभी आरोपी अश्लील बातें और कमेंट्स पास करने लगे. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला की शिकायत के आधार पर लगभग 20 लोगों के खिलाफ नामजद और 23 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस ने बताया कि जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं कंपनी के किसी भी अधिकारी और कर्मचारी ने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया है. कहा कि इस बारे में हमें बोलने से मना किया गया है. हमारे हेडऑफिस वाले ही बात करेंगे. साथ ही डरी सहमी पीड़ित महिला भी कैमरे पर कुछ भी कहने से बच रही है.
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