पटना (आशुतोष चंद्रा) : नेता प्रतिपक्ष एवं बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की बीते 5 जुलाई से कोई खोज खबर नहीं है. पिछली बार 5 जुलाई को तेजस्वी यादव को आरजेडी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में देखा गया था. उसके बाद से तेजस्वी यादव सियासी गलियारे में नजर नहीं आए. हालांकि ट्विटर पर तेजस्वी यादव सक्रिय हैं, लेकिन उनका दीदार आरजेडी के कार्यकर्ताओं और उनके विरोधियों को नहीं हो रहा.
सियासी गलियारों में चर्चा, कहींं विदेश तो नहीं गए तेजस्वी
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है. चर्चा इस बात की है कि तेजस्वी विदेश दौरे पर गए हुए है, लेकिन तेजस्वी का विदेश दौरा किस मकसद से है, इसका खुलासा न तो तेजस्वी यादव के करीबी कर रहे हैं और न ही खुद तेजस्वी की ओर से किया गया है. जेडीयू ने तेजस्वी यादव की गैर मौजूदगी को सियासी मुद्दा बना लिया है.
जेडीयू ने खोला मोर्चा
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को विदेश दौरे के मकसद का खुलासा करने को कहा है. नीरज कुमार ने कहा है कि तेजस्वी को ये बताना चाहिए कि वो विदेश दौरा भोग-विलास के लिए गये हैं या फिर धन समायोजन के लिए. तेजस्वी इसका खुलासा नहीं करेंगे तो जल्द ही जनता इसका खुलासा करेगी.
पिता लालू प्रसाद यादव हैं बीमार
दरअसल, तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार के मामले में बीते कई महीनों से सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं. रेलवे आईआरसीटीसी टेंडर घोटाले में सीबीआई ने तेजस्वी पर शिकंजा कस रखा है. वहीं, इसी मामले में सस्ती दर पर पटना में मिली 3 एकड़ जमीन को ईडी जब्त कर चुकी है. इसी बीच बीते 27 जून को बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव की संपत्ति को लेकर एक और खुलासा कर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी. तेजस्वी यादव को बड़ा स्टील कारोबारी बताते हुए सुशील मोदी ने कई दस्तावेजों का खुलासा भी किया है. इस खुलासे के कुछ दिन बाद ही तेजस्वी यादव बिहार से बाहर चले गए. तेजस्वी यादव के बिहार से बाहर के दौरे पर चर्चा इसलिए भी सुर्खियों में है, क्योंकि उनके पिता लालू प्रसाद यादव बेहद बीमार हैं. हाल ही मुंबई में उनका ऑपरेशन हुआ है और वो स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव को उनके साथ होना चाहिए था.
तेजस्वी यादव का हर दौरा बिहार के हित में होता है- आरजेडी
विपक्षी हमलों और चर्चाओं को विराम देने के लिए आरजेडी के नेता आगे आए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव के बिहार से बाहर के दौरे पर जो दलील दी गई वो सहज नहीं दिख रही. पार्टी के प्रवक्ता रामानुज यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव का हर दौरा बिहार के हित में होता है. अगर तेजस्वी विदेश दौरे पर हैं तो वहां से भी अच्छी जानकारी लेकर लौटेंगे, जो बिहार के लिए बेहतर होगा. आरजेडी प्रवक्ता ने तो यहां तक कह दिया कि जेडीयू बीजेपी के नेता पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के विदेश दौरे पर सवाल क्यों नहीं खडे करते हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव पर सवाल खडे करना कतई उचित नहीं.
तेजस्वी को लेकर आरजेडी भले ही सफाई दे रही हो, लेकिन जेडीयू ने तेजस्वी के विदेश दौरे को मुद्दा बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. इतना ही नहीं तेजस्वी यादव के वापस लौटने पर जेडीयू बिंदुवार विदेश दौरे का हिसाब मांगेगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी खुद के बिहार से बाहर के प्रवास को किस तरह परिभाषित करते हैं.
सियासी गलियारों में चर्चा, कहींं विदेश तो नहीं गए तेजस्वी
तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है. चर्चा इस बात की है कि तेजस्वी विदेश दौरे पर गए हुए है, लेकिन तेजस्वी का विदेश दौरा किस मकसद से है, इसका खुलासा न तो तेजस्वी यादव के करीबी कर रहे हैं और न ही खुद तेजस्वी की ओर से किया गया है. जेडीयू ने तेजस्वी यादव की गैर मौजूदगी को सियासी मुद्दा बना लिया है.
जेडीयू ने खोला मोर्चा
जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को विदेश दौरे के मकसद का खुलासा करने को कहा है. नीरज कुमार ने कहा है कि तेजस्वी को ये बताना चाहिए कि वो विदेश दौरा भोग-विलास के लिए गये हैं या फिर धन समायोजन के लिए. तेजस्वी इसका खुलासा नहीं करेंगे तो जल्द ही जनता इसका खुलासा करेगी.
पिता लालू प्रसाद यादव हैं बीमार
दरअसल, तेजस्वी यादव भ्रष्टाचार के मामले में बीते कई महीनों से सीबीआई, ईडी और इनकम टैक्स जैसी केन्द्रीय एजेंसियों के निशाने पर हैं. रेलवे आईआरसीटीसी टेंडर घोटाले में सीबीआई ने तेजस्वी पर शिकंजा कस रखा है. वहीं, इसी मामले में सस्ती दर पर पटना में मिली 3 एकड़ जमीन को ईडी जब्त कर चुकी है. इसी बीच बीते 27 जून को बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव की संपत्ति को लेकर एक और खुलासा कर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी. तेजस्वी यादव को बड़ा स्टील कारोबारी बताते हुए सुशील मोदी ने कई दस्तावेजों का खुलासा भी किया है. इस खुलासे के कुछ दिन बाद ही तेजस्वी यादव बिहार से बाहर चले गए. तेजस्वी यादव के बिहार से बाहर के दौरे पर चर्चा इसलिए भी सुर्खियों में है, क्योंकि उनके पिता लालू प्रसाद यादव बेहद बीमार हैं. हाल ही मुंबई में उनका ऑपरेशन हुआ है और वो स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव को उनके साथ होना चाहिए था.
तेजस्वी यादव का हर दौरा बिहार के हित में होता है- आरजेडी
विपक्षी हमलों और चर्चाओं को विराम देने के लिए आरजेडी के नेता आगे आए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव के बिहार से बाहर के दौरे पर जो दलील दी गई वो सहज नहीं दिख रही. पार्टी के प्रवक्ता रामानुज यादव ने कहा है कि तेजस्वी यादव का हर दौरा बिहार के हित में होता है. अगर तेजस्वी विदेश दौरे पर हैं तो वहां से भी अच्छी जानकारी लेकर लौटेंगे, जो बिहार के लिए बेहतर होगा. आरजेडी प्रवक्ता ने तो यहां तक कह दिया कि जेडीयू बीजेपी के नेता पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार के विदेश दौरे पर सवाल क्यों नहीं खडे करते हैं. ऐसे में तेजस्वी यादव पर सवाल खडे करना कतई उचित नहीं.
तेजस्वी को लेकर आरजेडी भले ही सफाई दे रही हो, लेकिन जेडीयू ने तेजस्वी के विदेश दौरे को मुद्दा बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. इतना ही नहीं तेजस्वी यादव के वापस लौटने पर जेडीयू बिंदुवार विदेश दौरे का हिसाब मांगेगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी खुद के बिहार से बाहर के प्रवास को किस तरह परिभाषित करते हैं.
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