नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी गांव में मंगलवार (17 जुलाई) को दर्दनाक हादसा हुआ. मंगलवार को उस वक्त 12-15 परिवारों के लिए अ'मंगल' साबित हुआ, जब निर्माणाधीन छह मंजिला इमारत चार मंजिला इमारत पर जा गिरी. इस घटना में अब तक तीन लोगों की मौत होने की पुष्टि हो गई है, जबकि करीब 50 लोगों के दबे होने की आशंका है. एनडीआरएफ की कई टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं हैं. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए डॉग स्क्वॉड का भी सहारा लिया जा रहा है. सीएम ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. करीब 200 लोग अब भी रेस्क्यू में लगे हुए हैं.
ऐसा पहली बार हुआ है, जब सिर्फ 2 साल पुरानी एक रिहायशी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र के शाहबेरी में 6 मंजिला इमारत दूसरी 4 मंजिला इमारत पर गिर गई. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दफ़्तर से जिला प्रशासन को तत्काल एक्शन लेने का निर्देश जारी किया गया. चश्मदीदों के मुताबिक, जिस 4 मंजिला इमारत पर 6 माले की बिल्डिंग गिरी, उस बिल्डिंग में करीब 12-15 परिवार रह रहे थे.

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग के मलबे में करीब 50 लोगों के दबे होने की आशंका है. सूचना मिलने के तुरंत बाद एनडीआरएफ की दो टीम मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा. बचाव दलों ने अब तक तीन शवों को बरामद किए हैं. गौतमबुद्धनगर SSP अजय पाल शर्मा के मुताबिक, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ जारी है.
चश्मदीद के मुताबिक, ये हादसा करीब मंगलवार रात नौ से सवा नौ बजे के आस-पास हुआ. चश्मदीदों का कहना था कि चार मंजिला इमारत में करीब 10 से 12 परिवार रहते थे. वहीं, उसके बराबर में निर्माणाधीन 6 मंजिला इमारत में कई मजदूर रहा करते थे. हादसे के बाद चश्मदीदों का कहना है कि दिनभर मेहनत करने के बाद रात को मजदूर अपने परिवार के साथ थे और खाना बनाना रहे थे, तभी ये हादसा हुआ और चीख पुकार मच गई. लोगों का कहना है कि मलवा इतना था कि हम चाह कर भी उन लोगों का नहीं निकाल पा रहे थे. लोगों ने कहा कि मलवा अधिक होने की वजह से रेस्क्यू में भी टाइम लग रहा है, हादसे में अब लोगों के बचने की उम्मीदें भी कम नजर आ रही हैं.
ऐसा पहली बार हुआ है, जब सिर्फ 2 साल पुरानी एक रिहायशी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र के शाहबेरी में 6 मंजिला इमारत दूसरी 4 मंजिला इमारत पर गिर गई. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दफ़्तर से जिला प्रशासन को तत्काल एक्शन लेने का निर्देश जारी किया गया. चश्मदीदों के मुताबिक, जिस 4 मंजिला इमारत पर 6 माले की बिल्डिंग गिरी, उस बिल्डिंग में करीब 12-15 परिवार रह रहे थे.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग के मलबे में करीब 50 लोगों के दबे होने की आशंका है. सूचना मिलने के तुरंत बाद एनडीआरएफ की दो टीम मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा. बचाव दलों ने अब तक तीन शवों को बरामद किए हैं. गौतमबुद्धनगर SSP अजय पाल शर्मा के मुताबिक, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है, पूछताछ जारी है.
चश्मदीद के मुताबिक, ये हादसा करीब मंगलवार रात नौ से सवा नौ बजे के आस-पास हुआ. चश्मदीदों का कहना था कि चार मंजिला इमारत में करीब 10 से 12 परिवार रहते थे. वहीं, उसके बराबर में निर्माणाधीन 6 मंजिला इमारत में कई मजदूर रहा करते थे. हादसे के बाद चश्मदीदों का कहना है कि दिनभर मेहनत करने के बाद रात को मजदूर अपने परिवार के साथ थे और खाना बनाना रहे थे, तभी ये हादसा हुआ और चीख पुकार मच गई. लोगों का कहना है कि मलवा इतना था कि हम चाह कर भी उन लोगों का नहीं निकाल पा रहे थे. लोगों ने कहा कि मलवा अधिक होने की वजह से रेस्क्यू में भी टाइम लग रहा है, हादसे में अब लोगों के बचने की उम्मीदें भी कम नजर आ रही हैं.
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