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MP: भय्यूजी महाराज को बेटी कुहू देगी मुखाग्‍न‍ि, 3 बजे आश्रम में होगा अंतिम संस्‍कार

इंदौर: तनाव किसी की भी जिंदगी के लिए कितना घातक हो सकता है, इसी का ताजा उदाहरण है, आध्‍यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज का खुदकुशी कर लेना. भय्यूजी महाराज के अचानक उठाए गए इस कदम से उनके परिवार के साथ ही उनके अनुयायी भी सकते में हैं. मंगलवार को आध्‍यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्‍महत्‍या कर ली थी, जिसके बाद उन्‍हें बॉम्‍बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उन्‍हें मृत घोषित कर दिया गया.

बेटी कुहू देगी पिता को मुखाग्‍न‍ि
ताजा खबर के मुताबिक भय्यूजी महाराज का आज (बुधवार) दोपहर 3 बजे उन्‍‍‍‍‍हीं के आश्रम सूर्योदय में अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम संस्‍कार से पहले भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर उनके इंदौर स्थित आश्रम में रखा गया है. उनके अतिम संस्कार में सीएम शिवराज समेत कई वीआईपी शामिल होंगे. ताजा खबर के मुताबिक, भय्यू जी महाराज को बेटी कुहू मुखाग्‍न‍ि देगी.

2017 में किया था दूसरा विवाह 
मीडिया रिपोर्ट्स में भय्यूजी महाराज की मौत के पीछे पारिवारिक विवाद को बड़ी वजह बताया जा रहा है. दरअसल भय्यूजी महाराज ने पहली पत्‍नी के निधन के बाद दूसरा विवाह किया था. पहली पत्‍नी से उनकी एक बेटी कुहू (18) है. वह अपनी बेटी से बेहद प्रेम करते थे. कहा जाता है कि इसकी देखरेख के लिए ही उन्‍होंने मध्‍य प्रदेश में शिवपुरी की डॉ आयुषी शर्मा से दूसरा विवाह किया था. लेकिन बेटी कुहू सौतेली मां को पसंद नहीं करती है.

MP: इंदौर के आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया भय्यूजी महाराज का पार्थिव शरीर

बेटी को नहीं पसंद सौतेली मां 
बेटी कुहू ने पिता की मौत का जिम्‍मेदार सौतेली मां आयुषी को ठहराया है. दूसरी तरफ भय्यूजी महाराज की दूसरी पत्‍नी डॉ आयुषी शर्मा पति की मौत के बाद से सदमे हैं. दैनिक भास्‍कर की रिपोर्ट के मुताबिक भय्यूजी महाराज की मौत के बाद यह विवाद खुलकर सामने आ गया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक कुहू ने पिता की मौत के लिए सौतेली मां को जिम्‍मेदार ठहराया. बेटी ने कहा कि इन्‍हीं के कारण पिता ने यह कदम उठाया. इनको जेल में बंद कर दीजिए. इस पर पत्‍नी आयुषी ने कहा कि कुहू को मैं और मेरी बेटी पसंद नहीं थी. इसलिए मैं अपनी मां के घर रहने चली गई थी. अब कुहू के पुणे जाने के बाद ही मैं इंदौर आई थी और हम दोनों अच्‍छे से रह रहे थे.

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