प्रिया सिंह ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था और मदद मांगी थी.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले की 19 साल की प्रिया सिंह ने शूटिंग जूनियर वर्ल्ड कप के लिए क्वॉलीफाई कर लिया है, लेकिन प्रिया के सपनों के सामने उनकी गरीबी आ गई. 22 जून से जर्मनी में आयोजित होने वाले ISSF जूनियर वर्ल्ड कप की 50मीटर राइफल कैटेगरी में चुने जाने वाले 6 लोगों में से एक नाम प्रिया सिंह का भी है. प्रिया ने अबतक का अपना सफर मांगी हुई राइफल से तय कर लिया है, लेकिन अब आगे जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं है. ऐसे में प्रिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई थी. योगी आदित्यनाथ ने प्रिया की पुकार सुन ली है और मदद के लिए आगे आई है.
प्रिया सिंह और उनके पिता ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से मदद मांगी थी और अब सीएम योगी आदित्यनाथ ने जर्मनी जाने के लिए पैसे जारी कर दिए हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ को जैसे ही मामले की जानकारी मिली उन्होंने राज्य सरकार द्वारा 4.50 लाख रुपए की राशि को मंजूरी कर दी है. इसके साथ ही उन्होंने मेरठ जिला मजिस्ट्रेट से उनके आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने के लिए भी कहा है.
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की डायरेक्टर जनरल ने नीलम कपूर ने कहा, प्रिया सरकार के नेशनल कैंप का हिस्सा है.
प्रिया के पिता ब्रजपाल सिंह ने कहा, मैंने विधायक, मुख्यमंत्री, खेल मंत्री और प्रधानमंत्री से मदद मांगी है. लेकिन कहीं से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं मिली है. मैंने अपनी भैंस बेच दी है, दोस्तों से ऋण लिया है. अगर जर्मनी भेजने के लिए कोई भी मदद नहीं कर रहा है. मैं सरकार से निवेदन करता हूं कि सरकार हमारी मदद करें.
प्रिया ने इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था. उन्होंने कहा, मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती हैं, जिसके लिए मुझे 3 से 4 लाख रुपए की जरुरत हैं. मेरे पिता मजदूर हैं उन्होंने फंड की व्यवस्था करने की पूरी कोशिश की लेकिन हो नहीं सका. मैंने फंड की मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. उन्होंने बताया कि इस मामले में मैं दो बार खेल मंत्री से मुलाकात करने गईं लेकिन दोनों बार मुलाकात नहीं हो पाई थी.
बता दें कि 2017 में प्रिया ने आखिरी बार किसी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था. प्रिया के पास खुद की राइफल तक नहीं है. 2017 तक वह एनसीसी कैडेट थी तो उसे राइफल मिली हुई थी. इसके बाद उनका एनसीसी से फेयरवेल हो गया और गन भी नहीं रही. रक्षा मंत्री अवॉर्ड और प्रतिष्ठित गवर्नर्स मेडल जीत चुकीं प्रिया को इसी साल जनवरी में जूनियर वर्ल्ड कप का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय दल में चुना गया था. 2014 से 2017 के बीच प्रिया ने कुल 17 मेडल्स जीते हैं.
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