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जयराम ने प्रणब मुखर्जी को लिखी चिट्ठी, कहा- 'RSS के कार्यक्रम में ना जाएं', नहीं मिला कोई जवाब


इस सवाल पर कि क्या प्रणब मुखर्जी ने उनके पत्र का कोई उत्तर दिया.. जयराम रमेश ने कहा न तो उन्होंने कोई उत्तर दिया है, न ही उत्तर आने की कोई उम्मीद है.









नई दिल्ली : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के 7 जून को नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में जाने के फैसले पर कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता पहले ही ऐतराज कर चुके हैं. अब पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है की प्रणब मुखर्जी को किसी सूरत में RSS के कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए.

इससे देश के सेकुलर माहौल पर बहुत गलत असर पड़ेगा- जयराम रमेश
उन्होंने Zee News डिजिटल को बताया कि 'इस बारे में उन्होंने प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखा है. पत्र में रमेश ने कहा कि प्रणब मुखर्जी जैसे विद्वान और सेकुलर आदमी को RSS के साथ किसी तरह की नजदीकी नहीं दिखानी चाहिए. उनके कार्यक्रम में जाने का देश के सेकुलर माहौल पर बहुत गलत असर पड़ेगा.'

मैं व्यक्तिगत रूप से उनका बहुत सम्मान करता हूं- जयराम
जयराम ने कहा कि 'इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि प्रणब दा RSS के कार्यक्रम में क्या बोलते हैं. बुनियादी बात तो यही है कि उनके जैसा शख्‍स वहां क्यों जा रहा है? जयराम ने कहा कि उन्होंने पिछले 30 साल प्रणब दा के साथ पार्टी में, योजना आयोग में और यूपीए सरकार में काम किया है. वह व्यक्तिगत रूप से उनका बहुत सम्मान करते हैं और उनसे सीखते रहे हैं. उनके जैसे आदमी का RSS के कार्यक्रम में जाना उन्हें बहुत दुख पहुंचा रहा है.'



प्रणब दा की तरफ से उत्तर आने की कोई उम्मीद नहीं है- वरिष्‍ठ कांग्रेसी नेता
इस सवाल पर कि क्या प्रणब मुखर्जी ने उनके पत्र का कोई उत्तर दिया.. जयराम रमेश ने कहा, 'न तो उन्होंने कोई उत्तर दिया है, न ही उत्तर आने की कोई उम्मीद है, लेकिन यह जो भी हो रहा है वह बहुत गलत है. आप उस विचारधारा के पास कैसे जा सकते हैं जो लंबे समय से देश को बांटने का काम कर रही है और इसकी मुखालफत आप पूरी जिंदगी करते रहे.'

रमेश ने कहा कि 'प्रणब दा ऐसे समय पर इस कार्यक्रम में जा रहे हैं जब पूरे देश में RSS के खिलाफ जनमत तैयार करने की लड़ाई कांग्रेस पार्टी और देश की दूसरी लोकतांत्रिक पार्टियां लड़ रही हैं.'

इससे पहले पूर्व मंत्री पी चिदंबरम और कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित खुलकर प्रणब मुखर्जी के फैसले की आलोचना करते रहे हैं, लेकिन प्रणब मुखर्जी ने आमंत्रण स्वीकार करने के बाद से इस विषय पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.




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