रोहतक : हरियाणा के रोहतक में शनिवार को जाट महासम्मेलन का आयोजन किया गया. अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले हुई इस महासम्मेलन में प्रदेशभर से जाट समुदाय के लोगों ने शिरकत की. इस पंचायत की अगुआई समिति के संचालक यशपाल मलिक ने की. इस सम्मेलन में जाटों को आरक्षण की देने की मांग पर फिर से चर्चा की गई. उधर, जाट सम्मेलन के देखते हुए रोहतक समेत समूचे हरियाणा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए.
रोहतक के जसिया गांव में आयोजित महासम्मेलन में यशपाल मलिक ने कहा कि सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया है. यहां फैसला लिया गया है कि अगर सरकार 15 अगस्त तक उनकी मांग नहीं मानती है तो वे 15 अगस्त को उसी स्थान पर इकट्ठा होंगे, जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्री रैली करेंगे. उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार को रैली या कोई और कार्यक्रम नहीं करने देंगे.
मलिक ने कहा कि इतना ही नहीं जाट समुदाय आने वाले चुनावों का बहिष्कार करेगा और अन्य राज्यों के जाटों को भी चुनावों का बहिष्कार करने का अपील की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह कैराना और नूरपुर में जाट और मुस्लिम एक हो गए और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, अगर इसी तरह जाट और अन्य बिरादरी एक हो गईं तो बीजेपी का सभी जगह से सुपड़ा साफ हो जाएगा.
सरकार से नहीं होगी वार्ता
उन्होंने बताया कि आरक्षण की मांग को लेकर सरकार और उनके बीच चार बार वार्ता हो चुकी है. सरकार हर बार उनकी मांग मानने की बात कहती है, लेकिन हर बार अपने वादे से मुकर जाती है. उन्होंने कहा कि अब सरकार से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं की जाएगी. सरकार को उनकी मांगें माननी ही होंगी. मार्च में हुई पंचायत में समिति ने दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था, लेकिन समिति के नेताओं और हरियाणा सरकार के बीच एक बैठक के बाद समिति ने दिल्ली कूच करने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था.
कड़े सुरक्षा इंतजाम
जाट महासम्मेलन को देखते हुए रोहतक और आसपास के जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पूरे जिले में धारा-144 लागू कर दी गई थी और पुलिस की 10 कंपनियों को तैनात किया गया था. ड्रोन कैमरों से हालात पर नजर रखी गई थी. सभी पुलिस तथा अन्य विभाग की छुट्टियों को कैंसिल कर मौके पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए थे. करीब 20 स्थानों पर नाकेबंदी की गई और 40 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे. रोहतक की तरफ जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई थी.
रोहतक के जसिया गांव में आयोजित महासम्मेलन में यशपाल मलिक ने कहा कि सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित किया गया है. यहां फैसला लिया गया है कि अगर सरकार 15 अगस्त तक उनकी मांग नहीं मानती है तो वे 15 अगस्त को उसी स्थान पर इकट्ठा होंगे, जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्री रैली करेंगे. उन्होंने कहा कि वे राज्य सरकार को रैली या कोई और कार्यक्रम नहीं करने देंगे.
मलिक ने कहा कि इतना ही नहीं जाट समुदाय आने वाले चुनावों का बहिष्कार करेगा और अन्य राज्यों के जाटों को भी चुनावों का बहिष्कार करने का अपील की जाएगी. उन्होंने कहा कि जिस तरह कैराना और नूरपुर में जाट और मुस्लिम एक हो गए और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, अगर इसी तरह जाट और अन्य बिरादरी एक हो गईं तो बीजेपी का सभी जगह से सुपड़ा साफ हो जाएगा.
सरकार से नहीं होगी वार्ता
उन्होंने बताया कि आरक्षण की मांग को लेकर सरकार और उनके बीच चार बार वार्ता हो चुकी है. सरकार हर बार उनकी मांग मानने की बात कहती है, लेकिन हर बार अपने वादे से मुकर जाती है. उन्होंने कहा कि अब सरकार से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं की जाएगी. सरकार को उनकी मांगें माननी ही होंगी. मार्च में हुई पंचायत में समिति ने दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था, लेकिन समिति के नेताओं और हरियाणा सरकार के बीच एक बैठक के बाद समिति ने दिल्ली कूच करने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था.
कड़े सुरक्षा इंतजाम
जाट महासम्मेलन को देखते हुए रोहतक और आसपास के जिलों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पूरे जिले में धारा-144 लागू कर दी गई थी और पुलिस की 10 कंपनियों को तैनात किया गया था. ड्रोन कैमरों से हालात पर नजर रखी गई थी. सभी पुलिस तथा अन्य विभाग की छुट्टियों को कैंसिल कर मौके पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए थे. करीब 20 स्थानों पर नाकेबंदी की गई और 40 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे. रोहतक की तरफ जाने वाले वाहनों पर रोक लगाई गई थी.
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