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अग्नि-5 का सफल परीक्षण, तस्वीरों में जानिए भारत की मिसाइल शक्ति





  • अग्नि-5 का सफल परीक्षण, तस्वीरों में जानिए भारत की मिसाइल शक्ति








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भारत ने आज इंटर बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया. ओडिशा के अब्दुल कलाम आइलैंड के इंटेग्रेटिड टेस्ट रेंज (आईटीआर) से इसका सफल परीक्षण हो गया है. यह छठवीं बार है जब मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है. परीक्षण 3 जून की सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर किया गया. आइए इस मौके पर जानते हैं भारत की शक्तिशाली मिसाइलों के बारे में...






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    अग्नि-I: प्रथम परीक्षणः जनवरी 2002- इस मिसाइल का वजन 12 टन है और इसकी लंबाई 15 मीटर है. इसकी मारक क्षमता 700-1200 किलोमीटर है. इस मिसाइल के संचालन अधिकार स्ट्रेटजिक फोर्स कमांड के पास है.






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    अग्नि-II : प्रथम परीक्षणः अप्रैल 1999 - इस मिसाइल का वजन 18 टन है और इसकी मारक क्षमता 2000-2500 किलोमीटर है.  इस मिसाइल के सफल परीक्षण ने चीन और पाकिस्तान की नींदें उड़ा दी थीं. क्योंकि इसकी मारक क्षमता में दोनों देशों के कई बड़े शहर आते हैं.





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    अग्नि-III: प्रथम परीक्षणः जुलाई 2006 -इस मिसाइल का वजन 48 टन है और इसकी लंबाई 17 मीटर.  इस मिसाइल की मारक क्षमता 3500 किलोमीटर है. यह अपने तरह का विश्व के सबसे घातक हथियारों में से एक है. यह मिसाइल न्यूक्लियर क्षमता से भी संपन्न है.









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    अग्नि-IV : प्रथम परीक्षणः नवंबर 2011- इस मिसाइल का वजन 17 टन है और इसकी लंबाई 20 मीटर. इस मिसाइल का निर्माण अग्नि-II और अग्नि-III के बीच की कड़ी को पूरा करने के लिए किया गया था.






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    अग्नि-V: प्रथम परीक्षणः अप्रैल 2012- इस मिसाइल का वजन 49 टन है और इसकी लंबाई 17.5 मीटर.5000 किलोमीटर तक मार करने वाली अग्नि-5 भारत की पहली इंटर-कॉन्टिनेन्टल बैलिस्टिक मिसाइल है.








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    आकाश मिसाइल: प्रथम परीक्षणः 1990-आकाश मिसाइल का वजन 720 किलोग्राम है और इसकी लंबाई 5.78 मीटर. जमीन से हवा में मार करनेवाले मिसाइल आकाश की तुलना अमेरिका के पेट्रियोट मिसाइल सिस्टम से की जाती है. एक समय में यह मिसाइल 8 भिन्न लक्ष्य पर निशाना साध सकता है.








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    ब्रह्मोस मिसाइल: प्रथम परीक्षणः 2001- ब्रह्मोस मिसाइल का वजन 3000 किलोग्राम है और इसकी लंबाई 8.4 मीटर.  ब्रह्मोस की मारक क्षमता 290 किलोमीटर है. इसकी रफ्तार अमेरिका के सबसोनिक तोमाहावक क्रूज मिसाइल से तीन गुनी अधिक है.








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    धनुष मिसाइल: धनुष मिसाइल स्वदेशी तकनीक से निर्मित पृथ्वी प्रक्षेपास्त्र का नौसैनिक संस्करण है. यह प्रक्षेपास्त परमाणु हथियारों को ले जाने की क्षमता रखता है.





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    नाग मिसाइल: प्रथम परीक्षणः 1990 - इस मिसाइल का वजन 42 किलोग्राम है और इसकी लंबाई 1.90 मीटर.  ‘पृथ्वी ’ एवं ‘अग्नि ’ जैसे स्वदेशी मिसाइलों की श्रृंखला में ‘नाग’ पांचवा प्रक्षेपास्त्र है. इस मिसाइल की विशेषताओं में 'टॉपअटेक- फायर एण्ड फोरगेट' तथा सभी मौसम में फायर करने की क्षमता शामिल है.








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    पृथ्वी: प्रथम परीक्षणः 1988- भारत के मिसाइल प्रोग्राम के अंतर्गत निर्माण किया जाने वाला पहला मिसाइल था पृथ्वी. परमाणु संपन्न तथा 150-350 किमी की रेंज तक सतह से सतह पर मार करने वाला यह मिसाइल सेना के तीनों अंगों का अभिन्न हिस्सा है.








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    शौर्य मिसाइल: प्रथम परीक्षणः 2008- शौर्य मिसाइल का वजन 42 किलोग्राम है और इसकी लंबाई 1.90 मीटर. इस मिसाइल की मारक क्षमता है 750 से 1900 किलोमीटर है. यह भारत का पहला हाइपर सुपर सॉनिक मिसाइल है.




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