जम्मू : राज्यपाल शासन के बाद भी जम्मू और कश्मीर में आतंकी घटनाओं में किसी तरह की कोई कमी नहीं आई है. रविवार को कुलगाम जिले में गश्त पर निकली सेना की एक टुकड़ी पर घात लगाकर बैठे आतंकवादियों ने हमला कर दिया. अचानक हुए इस हमले में कई जवान घायल हो गए हैं. सेना ने भी जवाबी कार्रवाई में आतंकियों पर फायरिंग की, लेकिन आतंकि जान बचाकर भाग निकलने में कामयाब रहे.
घायल जवानों को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सेना और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके आतंकवादियों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है. सेना की अन्य टुकड़ियां भी मौके पर पहुंच चुकी हैं. आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई के अलावा प्रशासन ने कुलगाम जिले की इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को भी फिलहाल बंद कर दिया है. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है.
पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एसपी वैद ने बताया ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए हैं. कार्रवाई अभी जारी है.
इससे पहले 22 जून, शुक्रवार को भी आतंकियों ने सीआरपीएफ और पुलिस की एक संयुक्त टुकड़ी पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की. त्राल के बस स्टेंड पर हुए इस हमले में 9 जवान बुरी तरह जख्मी हुए थे. इसी दिन सेना को अनंतनाग जिले में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी कामयाबी हाथ लगी थी. सेना ने मुठभेड़ में इस्लामिक स्टेट के चार आतंकियों को मार गिराया था.
पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एसपी वैद ने बताया था कि खिरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की. शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया. पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई.
J&K: जिन गांवों में जवानों पर बरसते थे पत्थर, अब हो रहा है चाय-नाश्ते से स्वागत
बता दें कि जम्मू और कश्मीर में 19 जून को बीजेपी ने पीडीपी सरकार से अपना इस्तीफा वापस ले लिया था, जिसके कारण राज्य की तीन साल पुरानी सरकार गिर गई. महबूबा मुफ्ती द्वारा इस्तीफा देने के बाद वहां कोई और दल सरकार बनाने या किसी को समर्थन देने के लिए सामने नहीं आया. इसके बाद 20 जून, बुधवार को राज्य में छह माह के लिए राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया था.
घायल जवानों को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सेना और पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी करके आतंकवादियों की खोज के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि दोनों तरफ से गोलीबारी जारी है. सेना की अन्य टुकड़ियां भी मौके पर पहुंच चुकी हैं. आतंकियों के खिलाफ सेना की कार्रवाई के अलावा प्रशासन ने कुलगाम जिले की इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को भी फिलहाल बंद कर दिया है. सेना के एक अधिकारी ने बताया कि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है.
पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एसपी वैद ने बताया ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए हैं. कार्रवाई अभी जारी है.
इससे पहले 22 जून, शुक्रवार को भी आतंकियों ने सीआरपीएफ और पुलिस की एक संयुक्त टुकड़ी पर ग्रेनेड फेंका और गोलीबारी की. त्राल के बस स्टेंड पर हुए इस हमले में 9 जवान बुरी तरह जख्मी हुए थे. इसी दिन सेना को अनंतनाग जिले में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बड़ी कामयाबी हाथ लगी थी. सेना ने मुठभेड़ में इस्लामिक स्टेट के चार आतंकियों को मार गिराया था.
पुलिस महानिरीक्षक (डीजीपी) एसपी वैद ने बताया था कि खिरम गांव के एक घर में चार आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की. शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ में एक नागरिक के मारे जाने के साथ ही एक पुलिसकर्मी भी शहीद हो गया. पुलिस ने कहा कि मुठभेड़ में घर के मालिक मुहम्मद यूसुफ भी मारा गया, जबकि उसकी पत्नी हफीजा गोली लगने से घायल हो गई.
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बता दें कि जम्मू और कश्मीर में 19 जून को बीजेपी ने पीडीपी सरकार से अपना इस्तीफा वापस ले लिया था, जिसके कारण राज्य की तीन साल पुरानी सरकार गिर गई. महबूबा मुफ्ती द्वारा इस्तीफा देने के बाद वहां कोई और दल सरकार बनाने या किसी को समर्थन देने के लिए सामने नहीं आया. इसके बाद 20 जून, बुधवार को राज्य में छह माह के लिए राज्यपाल शासन लागू कर दिया गया था.
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