राजनीति / जींद उपचुनाव से पहले उलटफेर, इनेलो के पूर्व विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा के बेटे भाजपा में शामिल
मनोज कुमार, राजधानी हरियाणा. जींद उपचुनाव से पहले सीएम मनोहर लाल खट्टर ने इनेलो के पूर्व विधायक डॉ. हरिचंद मिड्ढा के बेटे कृष्ण मिड्डा को शामिल कर बड़ा उलटफेर कर दिया है। यह अचानक नहीं हुआ है। भाजपा ने इसकी रणनीति उस वक्त ही तैयार कर ली थी, जब माॅनूसन सत्र से कुछ दिन पहले हरिचंद मिड्ढा का देहांत हो गया था।
मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री ने हरिचंद मिड्ढा के लगाए सवालों पर सभी मांगें पूरी करने की घोषणा करते हुए सियासी दांव खेल दिया था। इस पर मुख्य विपक्षी दल की ओर से यह कहते हुए हंगामा किया गया कि यदि मिड्ढा की मांगें पूरी ही कर रहे हैं तो उनकी ओर से पहले की गई मांगों को भी पूरा किया जाए। यह सिर्फ सियासत है। यहीं से चर्चा शुरू हो गई थी कि भाजपा ने पूर्व विधायक के बेटे कृष्ण मिड्ढा को भाजपा में लाने का पैंतरा आजमाया था, जो सफल साबित हो गया।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा जींद उप चुनाव में कृष्ण मिड्ढा को ही उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि यह भी बताया कि इनेलो भी उपचुनाव में उनके बेटे पर ही दांव खेलने की तैयारी में था। 15-16 अक्टूबर को इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने जींद दौरे में इस पर चर्चा भी की थी और टिकट भी इनेलो में लगभग तय मानी जा रही थी।
इनेलो को तलाशना होगा उम्मीदवार : अब तक जींद में भाजपा की ओर से उप चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवार पर कसरत करनी पड़ रही थी। लेकिन मिड्डा के पाला बदलते ही भाजपा को राहत मिल गई। क्योंकि उम्मीदवार मिल गया है, लेकिन अब इनेलो को अपना उम्मीदवार खोजना पड़ेगा। इनेलो की ओर से मिड्डा की लगभग टिकट तय की हुई थी।
बदलेंगे समीकरण :
कृष्ण के भाजपा में आने से जींद में राजनीतिक समीकरण बदलने तय हैं। 2014 के चुनाव में कुल पोल 1,21,715 वोटों में 31 हजार 631 वोट लेकर डॉ. हरिचंद मिड्ढा विधायक बने थे, जबकि दूसरे पर भाजपा के सुरेंद्र सिंह को 29, 374 वोट मिले थे। अब देखना होगा कि कितने वोट भाजपा की तरफ से शिफ्ट होते हैं।
इधर, इनेलो का बसपा से गठबंधन हो चुका है और बसपा को इस चुनाव में 13,225 वोट मिले थे। इनेलो को गठबंधन का फायदा हो रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार को 15,267 वोट मिले थे और अब हरियाणा जनहित कांग्रेस का विलय हो चुका है, उसके उम्मीदवार को 12, 246 वोट मिले थे। जींद में होने वाला उप चुनाव रोचक होने के आसार हैं, क्योंकि 6 जगह के वोट 3 जगह शिफ्ट हो चुके हैं
मॉनसून सत्र में मुख्यमंत्री ने हरिचंद मिड्ढा के लगाए सवालों पर सभी मांगें पूरी करने की घोषणा करते हुए सियासी दांव खेल दिया था। इस पर मुख्य विपक्षी दल की ओर से यह कहते हुए हंगामा किया गया कि यदि मिड्ढा की मांगें पूरी ही कर रहे हैं तो उनकी ओर से पहले की गई मांगों को भी पूरा किया जाए। यह सिर्फ सियासत है। यहीं से चर्चा शुरू हो गई थी कि भाजपा ने पूर्व विधायक के बेटे कृष्ण मिड्ढा को भाजपा में लाने का पैंतरा आजमाया था, जो सफल साबित हो गया।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा जींद उप चुनाव में कृष्ण मिड्ढा को ही उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि यह भी बताया कि इनेलो भी उपचुनाव में उनके बेटे पर ही दांव खेलने की तैयारी में था। 15-16 अक्टूबर को इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला ने जींद दौरे में इस पर चर्चा भी की थी और टिकट भी इनेलो में लगभग तय मानी जा रही थी।
इनेलो को तलाशना होगा उम्मीदवार : अब तक जींद में भाजपा की ओर से उप चुनाव को लेकर अपने उम्मीदवार पर कसरत करनी पड़ रही थी। लेकिन मिड्डा के पाला बदलते ही भाजपा को राहत मिल गई। क्योंकि उम्मीदवार मिल गया है, लेकिन अब इनेलो को अपना उम्मीदवार खोजना पड़ेगा। इनेलो की ओर से मिड्डा की लगभग टिकट तय की हुई थी।
बदलेंगे समीकरण :
कृष्ण के भाजपा में आने से जींद में राजनीतिक समीकरण बदलने तय हैं। 2014 के चुनाव में कुल पोल 1,21,715 वोटों में 31 हजार 631 वोट लेकर डॉ. हरिचंद मिड्ढा विधायक बने थे, जबकि दूसरे पर भाजपा के सुरेंद्र सिंह को 29, 374 वोट मिले थे। अब देखना होगा कि कितने वोट भाजपा की तरफ से शिफ्ट होते हैं।
इधर, इनेलो का बसपा से गठबंधन हो चुका है और बसपा को इस चुनाव में 13,225 वोट मिले थे। इनेलो को गठबंधन का फायदा हो रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार को 15,267 वोट मिले थे और अब हरियाणा जनहित कांग्रेस का विलय हो चुका है, उसके उम्मीदवार को 12, 246 वोट मिले थे। जींद में होने वाला उप चुनाव रोचक होने के आसार हैं, क्योंकि 6 जगह के वोट 3 जगह शिफ्ट हो चुके हैं
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