Skip to main content

रेल हादसे से नाराज स्‍थानीय लोगों की धमकी, "इंसाफ न मिलने तक इस रूट पर नहीं चलने देंगे ट्रेन"





नितिन धिमान, अमृतसर: पंजाब में अमृतसर के निकट शुक्रवार शाम रावण दहन देखने के लिए रेल पटरियों पर खड़े लोगों के ट्रेन की चपेट में आने से 60 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 अन्य घायल हो गए. इस घटना ने इलाके के रहवासियों और उन लोगों के अंदर स्थानीय और रेलवे प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष पैदा किया है. जी मीडिया की टीम जब ग्राउंड जीरो पर हालात का जायजा लेने पहुंची तो उसे वहां आसपास के रहने वाले तमाम लोग मिले जिन्होंने इस ट्रेन दुर्घटना में अपनों को खोया था. लोगों में इस कदर गुस्सा है कि उन्होंने जी मीडिया से बातचीत के दौरान साफ-साफ कहा कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता तब तक वे रेल नहीं चलने देंगे.

भारी प्रदर्शन की चल रही है तैयारी
आपको बता दें कि जोड़ा फाटक के पास रहने वाले नागरिकों का ऐलान है कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती तब तक वह ट्रेन को इस फाटक से नहीं गुजरने देंगे. इस दौरान लोग सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारे लगा रहे थे. बताया जा रहा है कि तमाम परिजन अभी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं. और वहां भारी प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है.

10-15 सेकेंड के बाद ही क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे
शुक्रवार को धोबीघाट के निकट जोड़ा फाटक पर लगभग 700 लोगों की भीड़ रावण के विशाल पुतले का दहन देख रही थी तभी अमृतसर से होशियारपुर जा रही जालंधर-अमृतसर डीएमयू पैसेंजर ट्रेन शाम करीब सात बजे पटरी पर खड़े लोगों को रौंदती हुई गुजर गई. 10-15 सेकेंड के बाद ही वहां क्षत-विक्षत शव नजर आने लगे और वहां चीख-पुकार मचने लगी.




मृतकों की संख्या में हो सकता है इजाफा
डॉक्टरों का कहना है कि कई लोगों के गंभीर रूप से घायल होने के कारण मृतकों की संख्या में इजाफा हो सकता है. आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि पंजाब सरकार ने शनिवार को राज्य में शोक का ऐलान किया है. इस दौरन सभी ऑफिस और शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे. जांच के आदेश दे दिए गए हैं. रेल मंत्री पीयूष गोयल फिलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वह लौटने की तैयारी कर रहे हैं. दुर्घटना के बाद शुक्रवार शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी.




Comments