बुधवार को पुलिस ने घटना में शामिल एक शख्स बिक्रमजीत सिं को गिरफ्तार किया है. जबकि उसके साथी अवतार सिंह की तलाश जारी है.
चंडीगढ़ : अमृतसर के निरंकारी भवन में एक धार्मिक समागम में हुए ग्रेनेड हमले के आरोप में खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है. अमृतसर ग्रेनेड अटैक का ऑपरेशन ब्लू स्टार कनेक्शन भी सामने आया है. दरअसल, बुधवार को पुलिस ने घटना में शामिल एक शख्स बिक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार किया है. जबकि उसके साथी अवतार सिंह की तलाश जारी है. अधिकारियों के मुताबिक, निरंकारी भवन में हमले के वक्त बिक्रमजीत सिंह बाइक चला रहा था, जबकि बाइक की पीछे वाली सीट पर बैठा उसके दूसरे साथी ने अवतार सिंह ने ग्रेनेड फेंका.
पुलिस ने बरामद की हमले में शामिल मोटरसाइकिल
पंजाब पुलिस के महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने बताया कि मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है. ग्रेनेड फेंकने वाले दूसरे व्यक्ति की पहचान 32 वर्षीय अवतार सिंह खालसा के रूप में हुई है. विक्रमजीत सिंह ने पुलिस को संकेत दिये है कि हरमीत सिंह हैप्पी ने ग्रेनेड उपलब्ध कराया था. उन्होंने कहा,‘‘आतंकवादी कार्रवाई को अंजाम देकर पंजाब की शांति को भंग करने का पाकिस्तानी आईएसआई का यह एक प्रयास है.’’ अरोड़ा ने बताया कि ग्रेनेड फेंकने के बाद दो हमलावर विक्रमजीत सिंह की मोटरसाइकिल से खालसा गांव भाग गये थे. उन्होंने बताया कि इस तरह के ग्रेनेड का जम्मू कश्मीर में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है.
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अवतार सिंह के पिता थे ऑपरेशन ब्लू स्टार में शामिल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अवतार सिंह के पिता गुरदील सिंह ने 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार में अहम भूमिका निभाई थी. इस ऑपरेशन के खत्म होने के कुछ वक्त बाद ही गुरदील सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. एक पुलिस अधिकारी की मानें तो गुरदील सिंह सेना से भागा हुआ कर्मी है.

आईएसआई समर्थित आतंकियों का हाथ-सीएम
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को इस घटना के लिए आईएसएआई समर्थित आतंकवादियों को दोषी ठहराया है. उन्होंने बताया कि राजा सांसी पुलिस थाना क्षेत्र में धारीवाल गांव निवासी विक्रमजीत सिंह को अमृतसर के लोहारका गांव के निकट बुधवार की तड़के गिरफ्तार किया गया.


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