बीजेपी की बूथ स्तर योजना जिसको 'बूथ कार्य योजना' नाम दिया गया है. इसके अनुसार हर बूथ कार्यकर्ता को दूसरे दल के कार्यकर्ता से संपर्क स्थापित करके उसे भाजपा का सदस्य बनाने के लिए प्रेरित करने की योजना पर कार्य करना है. इससे पहले लोकसभा चुनाव 2014 और 2017 विधानसभा चुनावों में पार्टी ने ऐसे जीताऊ उम्मीदवारों पर डोरे डाले थे और चुनाव से चंद महीने पहले उन्हे पार्टी में शामिल किया था.
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इस स्ट्रेटजी के तहत पार्टी में बीएसपी के दिग्गज नेता जैसे स्वामी प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक को पार्टी न केवल सदस्य बनाया था बल्कि उन्हे विधानसभा चुनावों में टिकट भी दिया था. इसी तरह उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रहीं रीता बहुगुणा जोशी को भी बीजेपी में शामिल किया गया था और मैदान में उतारार गया था. वर्तमान में तीनों योगी सरकार में कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं.
ऐसे नामों की लिस्ट बहुत लंबी है. इसी तरह कई अन्य दलों के बड़े नेताओं को भी बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के पहले भी न सिर्फ सदस्य बनाया था बल्कि टिकट दिया था. इस लिस्ट में कांग्रेस के वारिष्ठ नेता जगदंबिका पाल का नाम शामिल है. मोदी लहर में बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में 80 में से 71 सीटों पर जीत दर्ज की थी. लेकिन, बदले हुए परिस्थिति में पार्टी ने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है.
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बूथ लेवल कार्यकर्ताओं से कहा जा रहा है कि वे जनता के बीच जाएं और उनसे संपर्क करें. दूसरे पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपने पाले में करने की कोशिश करें. इसके अलावा, मंदिर, मठ और आश्रम जाकर भी संपर्क स्थापित करें. इसके अलावा सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की लिस्ट भी तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

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