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उन्नाव गैंगरेप केस: मुख्य गवाह का हुआ पोस्टमार्टम, बिसरा जांच के लिए भेजेे गए नमूने

नई दिल्ली: उन्नाव बलात्कार मामले के गवाह यूनुस खान के शव को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया. उसकी मौत कुछ दिन पहले कथित रूप से बीमारी के कारण हुई थी. कब्र से शव निकालने का काम मुस्लिम धर्म गुरू काजी साहब की देख-रेख में किया गया. जानकारी के मुताबिक, यूनुस खान के विसरानमूने को लखनऊ के फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा है, जिससे यूनुस खान की मौच का कारण स्पष्ट हो सके.

उन्नाव में बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की कथित संलिप्तता वाले बलात्कार और हत्या के मामले के एक गवाह की 23 अगस्त को कथित तौर पर बीमारी से मौत हो गई थी. यूनुस कथित बलात्कार पीड़िता के पिता को बीजेपी विधायक के भाई तथा अन्य लोगों द्वारा बेरहमी से पीटे जाने का गवाह था.

पीड़िता के चाचा ने यूवुस की मौत के बाद पुलिस से शव का पोस्टमार्टम कराए जाने की मांग की थी. हालांकि, परिवार का कहना है कि यूनुस की मौत लीवर संबंधी बीमारी के चलते हुई थी. आपको बता दें कि, पोस्‍टमार्टम करने वाले डॉक्‍टरों ने जांच के लिए उसका विसरातीन जार में रखा था. पहले जार में लंग्स (फेफड़ा) के पीस, हार्ट का पीस, ब्रेन का पीस, दूसरे जार में लीवर का पीस गाल ब्लेडर समेत, दोनों किडनी का पीस और तीसरे जार में पेट का पीस, छोटी आंत का पीस रखा गया.

डॉक्‍टरों ने बिसरे के साथ ही यूनुस की कब्र की मिट्टी भी पांच डिब्‍बों में सुरक्षित रखी. डॉक्टरों का मानना है कि अगर व्‍यक्ति को जहर देकर मारा गया है तो शव दफनाने के कुछ दिन बाद जहर के कण मिट्टी में आ जाते हैं. इसलिए मिट्टी को भी सुरक्षित कर जांच को भेजा गया है. डॉक्‍टरों ने यूनुस के डीएनए सैम्पल के रूप में कॉलर बोन का पीस, सीने की हड्डी का पीस और सिर के बाल को सुरक्षित किया गया है. डॉक्टर की मानें तो लीवर अत्यधिक सिकुड़ा मिला, जो बीमारी की ओर इशारा कर रहा है. हालांकि मौत का कारण स्पष्ट न होने से विसरासुरक्षित किया गया है.

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