नई दिल्ली: दुनिया के धनवानों ने कैसे यह मुकाम हासिल किया यह तो सभी जानते हैं, लेकिन आगे कैसे बढ़ना है, किस धंधे में हाथ डालना है और अपनी कमाई कैसे बढ़ानी है, यह इन अमीरों से बेहतर भला कौन जानता है. अब खबर है कि दुनिया के धनवानों की नजर इंडियन ई-कॉमर्स इंडस्ट्री पर है. वह इस कारोबार में अपना दबदबा बनाना चाहते हैं. यही वजह है कि विदेशी कंपनियां भी यहां हाथ डाल रही हैं. हालांकि, भारत सरकार चाहती है कि इस सेगमेंट में किसी भारतीय कंपनी को ही टॉप पोजिशनपर रखा जाए. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि कई विदेशी कंपनियां भारतीय रिटेल चेन मार्केट में हाथ डाल सकती हैं.
शुरू होगा पार्टनरशिप का दौर
ई-कॉमर्स मार्केट में पार्टनरशिप का दौर शुरू होने वाला है. कुछ दिन पहले ही अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. वहीं, अब खबर है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप की फूड और ग्रॉसरी सुपरमार्केट चेन मोर को 4,500-5,000 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए अमेजॉन ने रुचि दिखाई है. अमेजॉन ने मोर को खरीदने के लिए गोल्डमैन सैक्स और प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंड समारा कैपिटल से बातचीत की है. उम्मीद है यह डील जल्द हो सकती है.
दूध, सब्जी बेचने की शुरुआत
ग्रॉसरी ऑनलाइन शॉपिंग का इन दिनों बोलबाला है. दरअसल बिग बास्केट, मोर जैसी सुपर चेन शुरू होने के बाद कई कंपनियों ने इस कारोबार की तरफ कदम बढ़ाए हैं. इस कारोबार का सबसे मुख्य आकर्षण है कि रोजाना आपको दूध और सब्जियों की जरूरत होगी. लेकिन, विदेशी कंपनियों के पास सुपरमार्केट खोलने के सीमित अधिकार हैं. दरअसल, भारतीय कानून के मुताबिक, विदेशी कंपनियां सीमित स्टोर्स खोल सकती हैं. लेकिन, भारतीय कंपनियों के पास अधिकार हैं. ऐसे में भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी करने से उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है. यही वजह है कि जेफ बेजोस ने आदित्य बिड़ला ग्रुप से बातचीत की है.

मोर को खरीद सकती है अमेजॉन
सूत्रों की मानें तो आदित्य बिड़ला ग्रुप की फूड और ग्रॉसरी सुपरमार्केट चेन मोर को 4,500-5,000 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए अमेजॉन ने ऑफर दिया है. इसके लिए अमेजॉन ने मोर में शेयरहोल्डिंग खरीदने के लिए गोल्डमैन सैक्स और प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंड समारा कैपिटल से बातचीत की है.
अलीबाबा और रिलायंस रिटेल में बातचीत
उधर, चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के को-फाउंडर जैक मा भी इंडियन ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में कदम रखना चाहते हैं. हालांकि, वह पहले से ही पेटीएम और बिग बास्केट में हिस्सा खरीद चुके हैं. लेकिन अब वह भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के पार्टनर बनने की तैयारी कर रहे हैं. हाल ही में मुंबई में जैक मा और मुकेश अंबानी की मुलाकात हुई थी. इस मीटिंग में अलीबाबा ने रिलायंस रिटेल में 5 से 6 अरब डॉलर में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जाहिर की है. रिलायंस रिटेल के पास ग्रॉसरी स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक स्टोर, अपैरल जैसी कई चेन हैं.
बेजोस को टक्कर देंगे अंबानी और मा
मुकेश अंबानी और जैक मा के बीच अगर करार होता है तो वह दुनिया के सबसे रईस शख्स जेफ बेजोस को कड़ी टक्कर देंगे. दरअसल, अलीबाबा के पास पेटीएम, बिग बास्केट में पहले से ही हिस्सेदारी है, अब अलीबाबा अगर रिलायंस रिटेल में हिस्सेदारी खरीदता है तो यह बड़ा प्लेटफॉर्म होगा.
बेजोस और बियानी भी दौड़ में
अमेजॉन चीफ बेजोस और फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी के बीच भी बातचीत चल रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि जेफ बेजोस की अमेजॉन ने किशोर बियानी के फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने की पहल की है. किशोर बियानी ने हाल ही में ऐलान किया था कि वह करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी एक विदेशी निवेशक को बेच सकते हैं. अमेजॉन ने इससे पहले फ्लिपकार्ट को भी ऑफर किया था. हालांकि, वह डील वॉलमार्ट के साथ हो चुकी है.
बियानी की लिस्ट में अलीबाबा
उधर, अलीबाबा ने भी कुछ समय पहले फ्यूचर ग्रुप से बात की थी. हालांकि, वह बातचीत अधूरे में ही रही. क्योंकि, उस वक्त किशोर बियानी हिस्सेदारी बेचने के समर्थन में नहीं हैं. इसलिए उम्मीद है कि भविष्य में फ्यूचर ग्रुप की चेन बिग बाजार में जो सब्जी-दूध मिलेगा, उसमें अमेजॉन की पूंजी लगी होगी.
शुरू होगा पार्टनरशिप का दौर
ई-कॉमर्स मार्केट में पार्टनरशिप का दौर शुरू होने वाला है. कुछ दिन पहले ही अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट ने फ्लिपकार्ट में 77 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. वहीं, अब खबर है कि आदित्य बिड़ला ग्रुप की फूड और ग्रॉसरी सुपरमार्केट चेन मोर को 4,500-5,000 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए अमेजॉन ने रुचि दिखाई है. अमेजॉन ने मोर को खरीदने के लिए गोल्डमैन सैक्स और प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंड समारा कैपिटल से बातचीत की है. उम्मीद है यह डील जल्द हो सकती है.
दूध, सब्जी बेचने की शुरुआत
ग्रॉसरी ऑनलाइन शॉपिंग का इन दिनों बोलबाला है. दरअसल बिग बास्केट, मोर जैसी सुपर चेन शुरू होने के बाद कई कंपनियों ने इस कारोबार की तरफ कदम बढ़ाए हैं. इस कारोबार का सबसे मुख्य आकर्षण है कि रोजाना आपको दूध और सब्जियों की जरूरत होगी. लेकिन, विदेशी कंपनियों के पास सुपरमार्केट खोलने के सीमित अधिकार हैं. दरअसल, भारतीय कानून के मुताबिक, विदेशी कंपनियां सीमित स्टोर्स खोल सकती हैं. लेकिन, भारतीय कंपनियों के पास अधिकार हैं. ऐसे में भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी करने से उन्हें बड़ा फायदा मिल सकता है. यही वजह है कि जेफ बेजोस ने आदित्य बिड़ला ग्रुप से बातचीत की है.
मोर को खरीद सकती है अमेजॉन
सूत्रों की मानें तो आदित्य बिड़ला ग्रुप की फूड और ग्रॉसरी सुपरमार्केट चेन मोर को 4,500-5,000 करोड़ रुपए की एंटरप्राइज वैल्यू पर खरीदने के लिए अमेजॉन ने ऑफर दिया है. इसके लिए अमेजॉन ने मोर में शेयरहोल्डिंग खरीदने के लिए गोल्डमैन सैक्स और प्राइवेट इक्विटी (पीई) फंड समारा कैपिटल से बातचीत की है.
अलीबाबा और रिलायंस रिटेल में बातचीत
उधर, चीन की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के को-फाउंडर जैक मा भी इंडियन ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में कदम रखना चाहते हैं. हालांकि, वह पहले से ही पेटीएम और बिग बास्केट में हिस्सा खरीद चुके हैं. लेकिन अब वह भारत के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के पार्टनर बनने की तैयारी कर रहे हैं. हाल ही में मुंबई में जैक मा और मुकेश अंबानी की मुलाकात हुई थी. इस मीटिंग में अलीबाबा ने रिलायंस रिटेल में 5 से 6 अरब डॉलर में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की इच्छा जाहिर की है. रिलायंस रिटेल के पास ग्रॉसरी स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक स्टोर, अपैरल जैसी कई चेन हैं.
बेजोस को टक्कर देंगे अंबानी और मा
मुकेश अंबानी और जैक मा के बीच अगर करार होता है तो वह दुनिया के सबसे रईस शख्स जेफ बेजोस को कड़ी टक्कर देंगे. दरअसल, अलीबाबा के पास पेटीएम, बिग बास्केट में पहले से ही हिस्सेदारी है, अब अलीबाबा अगर रिलायंस रिटेल में हिस्सेदारी खरीदता है तो यह बड़ा प्लेटफॉर्म होगा.
बेजोस और बियानी भी दौड़ में
अमेजॉन चीफ बेजोस और फ्यूचर ग्रुप के किशोर बियानी के बीच भी बातचीत चल रही है. उम्मीद जताई जा रही है कि जेफ बेजोस की अमेजॉन ने किशोर बियानी के फ्यूचर रिटेल में हिस्सेदारी खरीदने की पहल की है. किशोर बियानी ने हाल ही में ऐलान किया था कि वह करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी एक विदेशी निवेशक को बेच सकते हैं. अमेजॉन ने इससे पहले फ्लिपकार्ट को भी ऑफर किया था. हालांकि, वह डील वॉलमार्ट के साथ हो चुकी है.
बियानी की लिस्ट में अलीबाबा
उधर, अलीबाबा ने भी कुछ समय पहले फ्यूचर ग्रुप से बात की थी. हालांकि, वह बातचीत अधूरे में ही रही. क्योंकि, उस वक्त किशोर बियानी हिस्सेदारी बेचने के समर्थन में नहीं हैं. इसलिए उम्मीद है कि भविष्य में फ्यूचर ग्रुप की चेन बिग बाजार में जो सब्जी-दूध मिलेगा, उसमें अमेजॉन की पूंजी लगी होगी.
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