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नेहरू को हटाकर दीनदयाल उपाध्याय की फोटो लगाने पर कांग्रेस का ऐतराज, दी अटल जी की दुहाई

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मेमोरियल म्यूजियम लाइब्रेरी (एनएमएमएल) के निदेशक शक्ति सिन्हा से कहा है कि इस लाइब्रेरी की स्थापना मुख्य रूप से देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की याद में की गई थी और यहां उनकी याद बनी रहनी चाहिए.

जयराम रमेश ने सिन्हा को लिखे पत्र में कहा है कि मेमोरियल के सेमिनार हाल में नेहरू की फोटो लगनी चाहिए न कि जनसंघ के नेता दीनदयाल उपाध्याय की. जयराम रमेश, जो एनएमएलएल सोसाइटी के सदस्य भी हैं, उनका दावा है कि सेमिनार हाल में नेहरू की फोटो लगी थी, जिसे हटाकर दीनदयाल उपाध्याय की फोटो लगा दी गई है.

राजनाथ से गुहार
इसके साथ ही रमेश ने कहा कि 26 जुलाई को हुए सोसाइटी की मीटिंग के मिनट्स अभी तक सदस्यों को नहीं भेजे गए हैं. पिछले महीने में रमेश द्वारा सिन्हा को लिखा गया ये दूसरा पत्र है. उन्होंने बताया कि वो और मल्लिकार्जुन खड़गे, दोनों सोमवार की शाम इस मुद्दे पर बात करने के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पास भी गए थे.

उन्होंने पत्र में लिखा, 'गृह मंत्री ने मेरी बात पर तत्काल रिस्पांस किया और कहा कि इस बात तो तत्काल ठीक किया जाएगा. उन्होंने (राजनाथ सिंह) कहा कि वो पहले ही निर्देश दे चुके हैं कि नेहरू की फोटो जहां पहले लगी थी, वहीं उसे दोबारा लगाना चाहिए.' रमेश ने कहा कि इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से सबक लेना चाहिए. जब वो जनता पार्टी की सरकार में विदेश मंत्री के रूप में साउथ ब्लाक स्थित अपने कार्यालय पहुंचे तो वहां नेहरू की फोटो गायब थी. वाजपेयी ने तुरंत आदेश दिया की नेहरू की फोटो दोबारा लगाई जाए.

रमेश ने कहा कि 'मैं उम्मीद करता हूं कि जो उनके नाम की कसमें खाते हैं और उनकी स्मृति का प्रदर्शन करते हैं, वो उनकी तरह ही बड़े दिल वाले और उदार स्वभाव के भी बनेंगे.' दूसरी ओर शक्ति सिन्हा ने कहा है कि वो नेहरू की विरासत को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि और समृद्ध बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि वो एनएमएमएल के पुराने म्यूजियम को बेहतर बना रहे हैं और यहां आने वाले समय में नेहरू के बारे में अधिक जानकारियां होंगी.

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